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    October 25, 2025

    आरबीआई के माध्यम से 5,000 करोड़ का कर्ज जुटाया, राजस्थान सरकार का वित्तीय कदम

    राजस्थान सरकार ने विकास कार्यों और योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन के लिए इस बार 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज आरबीआई के माध्यम से स्टेट ग्रांटेड सिक्योरिटीज (SGS) बॉन्ड जारी करके जुटाया है। यह राशि सरकार ने सीधे कर्ज लेने के बजाय तीन अलग-अलग बॉन्ड के जरिए एकत्र की है। इन बॉन्ड्स की अदायगी 10 से 26 साल की अवधि में की जाएगी।

    तीन बॉन्ड से जुटाए गए 5,000 करोड़ रुपये

    • SGS 2035 बॉन्ड: 2,000 करोड़ रुपये, ब्याज दर 7.23%, अवधि 10 वर्ष
    • SGS 2043 रि-इश्यू बॉन्ड: 1,500 करोड़ रुपये, ब्याज दर 7.57%, अवधि 18 वर्ष
    • SGS 2051 बॉन्ड: 1,500 करोड़ रुपये, ब्याज दर 7.30%, अवधि 26 वर्ष

    राज्य सरकार हर साल विकास योजनाओं के लिए बॉन्ड जारी कर फंड जुटाती है, लेकिन इस बार अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान को अपने बॉन्ड पर थोड़ा अधिक ब्याज देना पड़ा।

    अन्य राज्यों ने भी जुटाया फंड

    • महाराष्ट्र: 5,000 करोड़
    • तमिलनाडु: 3,000 करोड़ (राजस्थान से कम ब्याज दर)
    • छत्तीसगढ़: 2,000 करोड़
    • उत्तर प्रदेश: 2,000 करोड़

    बॉन्ड नीलामी दिवाली के दिन आयोजित

    आरबीआई ने 20 अक्टूबर को दिवाली के दिन राजस्थान समेत सभी राज्यों की बॉन्ड नीलामी आयोजित की और उसके परिणाम सार्वजनिक किए गए।

    बढ़ता कर्ज और विकास योजनाओं पर निर्भरता

    राजस्थान सरकार पर कुल कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। पिछले 10 वर्षों में राज्य का ऋण 8 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। बजट के अनुसार, 2025-26 तक यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ पार कर सकता है। सरकार की आय का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में खर्च होता है, जिसके कारण विकास कार्यों के लिए कर्ज लेना जरूरी बन गया है। इस साल राजस्थान ने अपने बजट में करीब 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज प्रस्तावित किया है।

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