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    May 21, 2026

    NEET विवाद पर NTA DG निरुत्तर, सांसदों ने पूछा- री-एग्जाम की जरूरत कैसे पड़ी?  

    NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को संसद की स्थायी समिति की बैठक में NTA अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे गए। बैठक में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा कि NEET का पेपर एजेंसी के सिस्टम से लीक नहीं हुआ था और मामले की जांच CBI कर रही है। हालांकि सांसदों ने सवाल उठाया कि अगर पेपर NTA सिस्टम से बाहर नहीं गया, तो परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी। इस पर NTA अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

    उधर, CBI ने मामले में महाराष्ट्र के लातूर से डॉक्टर मनोज शिरुरे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने बेटे के लिए RCC कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ से गेस पेपर खरीदे थे। यह इस केस में किसी अभिभावक की पहली गिरफ्तारी है। अब तक कुल 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 7 महाराष्ट्र से हैं।

    जांच में सामने आया है कि पेपर लीक गिरोह छात्रों के परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर 5 से 50 लाख रुपए तक में गेस पेपर बेचता था। गिरोह पहले टोकन मनी लेता और बाकी रकम परीक्षा के बाद पेपर मैच होने पर वसूलता था। CBI अब गिरोह की फंडिंग, जमीन खरीद और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है।

    इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की और सोशल मीडिया पर फर्जी पेपर लीक दावे फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। NEET-UG का री-एग्जाम 21 जून को होगा।

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